अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम 2020

  • ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी ने ब्रिटेन के आम चुनाव 2019 में एक बड़ा बहुमत हासिल किया इन्होने लिबरल डेमोक्रेट नेता जो स्विन्सन स्कॉटिश को पराजित किया।
  • पुर्तगाल के प्रधानमंत्री अंतोनियो कोस्टा ने हाल ही में महात्मा गांधी के आदर्शों को शाश्वत बनाए रखने हेतु उनके विचारों और उद्धरणों से प्रेरित ‘गांधी नागरिकता शिक्षा पुरस्कार’ आरंभ करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार सामाजिक कल्याण के लिए समर्पित होगा।
  • ब्रिटेन के निचले सदन ने 20 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन द्वारा यूरोपीय संघ से अलग होने हेतु पेश किया गया बिल पास हो गया। ब्रितानी सांसदों ने ब्रिटेन को 31 जनवरी 2020 तक यूरोपीय संघ से निकालने की प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की योजना का समर्थन किया है।
  • पश्चिमी अफ्रीका के आठ देशों  बेनिन, बुर्किना फासो, गिनी-बिसाउ, आईवरी कोस्ट, माली, नाईजर, सेनेगल और टोगो ने हाल ही में अपनी साझा मुद्रा (करेंसी) का नाम बदल कर ‘इको’ करने का फैसला किया है। गिनी-बिसाउ को छोड़कर ये सभी देश फ्रांस के पूर्व उपनिवेश हैं
  • रूस ने हाल ही में अवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइल को सेना में शामिल किये जाने की घोषणा की है। यह हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की गति से 20 गुना तेजी से उड़ सकती है। इस मिसाइल की तेजी के चलते यह किसी भी सिस्टम की पकड़ में नहीं आ सकती। हाइपरसोनिक मिसाइल आवाज की रफ्तार (1235 किमी प्रतिघंटा) से पांच गुना तेजी से उड़ सकती है।
  • ईरान द्वारा पारित नए बिल के अनुसार, सभी अमेरिकी बलों एवं पेंटागन के कर्मचारियों, उससे संबद्ध संगठनों, एजेंटों और कमांडरों और सोलेमानी के की हत्या का आदेश देने वाले लोगों को 'आतंकवादी' घोषित किया गया है। ईरान ने जनरल कासिम सुलेमानी के बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद यह कदम उठाया है। जनरल सुलेमानी को अयातुल्ला खामेनी के बाद ईरान में सबसे ताकतवर माना जाता था। कासिम सुलेमानी को भविष्य का राष्ट्रपति भी कहा जाता था। इन्होने आईएसआईएस को हराने में सहायता की तथा पश्चिम एशिया में ईरान का प्रभाव बढ़ाने में भी उनकी अहम भूमिका थी।
  • भारत और नेपाल के बीच एक बार फिर से 'कालापानी विवाद' का मुद्दा सुर्खियों में है। पिछले साल 31 अक्टूबर 2019  को जम्मू-कश्मीर का विभाजन आदेश लागू होने पर भारत ने नवंबर में अपना नया भू-राजनीतिक नक्शा जारी किया था, नेपाल ने इस नक्शे पर आपत्ति जताई थी।नेपाल का कहना था कि उसके क्षेत्र में होने के बावजूद कालापानी, लिपुलेक तथा लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को भारत ने नक्शे में अपना हिस्सा दिखाया है। भारत का कहना है कि इसमें नेपाल के साथ अपनी सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कालापानी 372 वर्ग किलोमीटर का एक क्षेत्र है इस क्षेत्र पर चीन, नेपाल और भारत की सीमा मिलती है। वहीं भारत इसे उत्तराखंड का हिस्सा मानता है जबकि नेपाल इसे अपने नक्शे में दिखाता है।
  • नेपाल और ब्रिटिश इंडिया के बीच सुगौली संधि 1816 में हुयी थी। इस संधि के अंतर्गत नेपाल को अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों से उन सभी हिस्सों पर हक छोड़ना था जो नेपाल के राजा ने युद्धों में जीतकर हासिल किए थे। इनमें पूर्वोत्तर में सिक्किम रियासत तथा पश्चिम में कुमाऊं और गढ़वाल के क्षेत्र भी शामिल थे। इसमें कालापानी इलाके से होकर बहने वाली ‘महाकाली नदी’ भारत-नेपाल की सीमा मानी गई है।
  • रूस में राष्ट्रपति पुतिन द्वारा कई संवैधानिक सुधारों का घोषणा किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री दिमित्री मेदवेदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन संवैधानिक संशोधनों का मकसद ऐसा पद तैयार करना है जिससे राष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी पुतिन रूस में महत्वपूर्ण पद पर बने रह सकते हैं। राष्ट्रपति पुतिन का मौजूदा कार्यकाल साल 2024 में पूरा हो रहा है।
  • अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने 23 जनवरी 2020 को एक महत्वपूर्ण आदेश में म्यांमार से रोहिंग्या आबादी को सुरक्षा देने हेतु कहा है। कोर्ट ने रोहिंग्या मुस्लिम समुदाय को उत्पीड़न से बचाने के लिए म्यांमार को तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया है। अंतरराष्ट्रीय अदालत का यह आदेश अफ्रीकी देश गांबिया की याचिका पर आया है। इसने मुस्लिम देशों के संगठनों की ओर से याचिका दायर की थी और म्यांमार पर रोहिंग्या का जनसहांर करने का आरोप लगाया था। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय दो या इससे ज्यादा देशों के बीच के विवादों को निपटाने हेतु सबसे बड़ी अदालत है। यह संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख न्यायिक अंग है जो हेग (नीदरलैंड्स) में स्थित है। इसमें 193 देश शामिल हैं और इसके वर्तमान अध्यक्ष अब्दुलकावी अहमद यूसुफ हैं।
  • ब्रेक्जिट का मतलब है ब्रिटेन का यूरोपीय यूनियन से बाहर निकलना। ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ से बाहर निकलने का निर्णय लिया है। ब्रिटेन संसद का निचला सदन सदन हाउस ऑफ कॉमंस 09 जनवरी 2020 को ईयू से निकलने से संबंधित ब्रेग्जिट विधेयक पर अपनी मुहर लगा चुका था। अब संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में भी इस बिल को मंजूरी मिल गई है। ब्रिटेन यूरोपीय यूनियन (EU) से अलग होने वाला पहला देश बन जाएगा।
  • यूरोपीय संघ (ईयू) 28 देशों का शक्तिशाली समूह है। इस समूह में फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देश आर्थिक और राजनीतिक रूप से जुडे़ हुए हैं। यूरोपिय संघ सदस्य राष्ट्रों को एकल बाजार के रूप में मान्यता देता है। यूरोपीय संघ सभी सदस्य राष्ट्रों के लिए एक तरह की व्यापार, मतस्य, क्षेत्रीय विकास की नीति पर अमल करता है। यूरोपिय संघ ने साल 1999 में साझी मुद्रा ‘यूरो’ की शुरुआत की थी।