मध्यप्रदेश की राज्यव्यवस्था


मध्यप्रदेश की राज्यव्यवस्था 

  • मध्य प्रदेश विधानमंडल  में एक सदन है हालांकि विधान परिषद का प्रस्ताव पारित किया गया था लेकिन संसद को प्रेषित नहीं किया गया।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा भवन को वास्तुकार चार्ल्स कोरिया ने डिजाइन किया था। भवन के प्रवेश द्वार द्वार पर सूर्यकुंड है एवं दीवारों पर आदिवासी चित्रों का चित्रांकन चित्रकार जनगढ़ श्याम द्वारा किया गया था।
  • नया विधानसभा भवन राजधानी भोपाल में अरेरा हिल्स पर स्थित है इसका नाम इंदिरा गांधी विधान भवन  है।
  • नई विधानसभा के निर्माण के पूर्व विधानसभा मिंटो हॉल में लगा करती थी ।
  • 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद विधानसभा में सदस्य संख्या 231 है। इसमें अनुसूचित जाति के लिए 35 स्थान एवं जनजाति के लिए 47 स्थान आरक्षित किए गए हैं।
  • नवीन विधानसभा का उद्घाटन 3 अगस्त 1996 को किया गया था।
  • मध्य प्रदेश विधान सभा के पहले अध्यक्ष कुंजीलाल दुबे थे।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा का पूर्व नाम केंद्रीय प्रांत विधान परिषद था इसकी स्थापना 8 नवंबर 1913 को हुई थी।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा का पहला निर्वाचन 1957 में हुआ था जो भंग हो गई थी इसके बाद दूसरी विधानसभा का गठन 1 अप्रैल 1957 को हुआ।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष का वेतन ₹47000 सत्कार भत्ता ₹48000 एवं निर्वाचन भत्ता ₹45000 है।
  • मध्यप्रदेश में 29 लोकसभा सीटें हैं जिसमें से 4 सीटें अनुसूचित जाति के लिए एवं 6 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं।
  • मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए कुल 11 सीटें हैं।
  • मध्य प्रदेश की पहली मंत्री परिषद 1956 में बनी एवं प्रथम मुख्यमंत्री पंडित रविशंकर शुक्ल हुए।
  • वर्तमान मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 22 कैबिनेट मंत्री एवं 11 राज्य मंत्री हैं। महिला मंत्रियों की संख्या 5 है।
  • जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत मध्य प्रदेश में कुल 35 मंत्री हो सकते हैं।
  • सुश्री उमा भारती मध्य प्रदेश की की पहली महिला मुख्यमंत्री है।
  • मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री का वेतन ₹50000 सत्कार भत्ता ₹55000 एवं निर्वाचन भत्ता ₹50000 है।
  • मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री का वेतन ₹45000 सत्कार भत्ता ₹45000 एवं निर्वाचन भत्ता ₹35000 हैं।
  • मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष का वेतन ₹45000 सत्कार भत्ता ₹45000 एवं निर्वाचन भत्ता ₹35000 है।
  • मध्य प्रदेश के पहले राज्यपाल पट्टाभि सीतारमैया  हुए जिनका कार्यकाल 1956 से 1957 तक रहा।
  • मध्य प्रदेश की पहली महिला राज्यपाल सरला ग्रेवाल कोई जिनका कार्यकाल 1989 से 1990 तक रहा।
  • मध्य प्रदेश की दूसरी महिला राज्यपाल गुजरात की प्रथम महिला मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल हुई। इनका कार्यकाल 2018 से 2019 तक रहा।
  • श्री श्यामा चरण शुक्ला शुक्ला सर्वाधिक 3 मर्तबा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हुए।
  • मध्य प्रदेश में सबसे कम समय तक मुख्यमंत्री नरेश चंद्र रहे इनका कार्यकाल केवल 13 दिन तक रहा।
  • कार्यकाल के रूप में सबसे छोटा कार्यकाल मुख्यमंत्री के रूप में अर्जुन सिंह का रहा जो केवल 1 दिन का था (1985)।
  • मध्य प्रदेश के प्रशासन का केंद्र बिंदु सचिवालय वल्लभ भवन भोपाल में स्थित है।
  • मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्य सचिव एच एम कामथ हुए।
  • मध्यप्रदेश विधानसभा ने ने 1981 में भ्रष्टाचार पर अंकुश रखने के लिए लोकायुक्त एवं उप लोकायुक्त अधिनियम पारित किया। इसी एक्ट के तहत फरवरी 1982 में मध्य प्रदेश लोकायुक्त संस्थान की स्थापना की गई। यह एक स्वायत्त संस्था है।
  • मध्य प्रदेश राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की स्थापना 1983 में की गई इसका मुख्यालय भोपाल में है एवं प्रत्येक संभाग में एक क्षेत्रीय कार्यालय होता है। यह संस्था सामान्य प्रशासन विकास के अंतर्गत कार्य करती है।
  • मध्यप्रदेश में मार्च 1964 में राज्य सतर्कता आयोग की स्थापना की गई। एवं राज्य के विभिन्न संभाग एवं जिलों में भी सतर्कता अधिकारी की नियुक्ति की जाती है।
  • मध्यप्रदेश में महालेखाकार कार्यालय लेखा भवन ग्वालियर में अवस्थित है। यह कार्यालय भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के आधीन कार्य करता है तथा राज्य सरकार के सभी विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के लेखा परीक्षण का दायित्व निभाता है।
  • मध्य प्रदेश का सर्वोच्च का सर्वोच्च विधि अधिकारी महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) होता है इसके नियुक्ति राज्यपाल द्वारा होती है ये राज्यपाल के प्रसाद पर्यंत पद धारण करते हैं।
  • मध्यप्रदेश में महाधिवक्ता जबलपुर हाईकोर्ट में कार्य करते हैं एवं अतिरिक्त महाधिवक्ता इंदौर एवं ग्वालियर खंडपीठ में कार्य करते हैं।
  • सर्वप्रथम श्री एम अधिकारी को 1956 में मध्य प्रदेश का प्रथम महाधिवक्ता नियुक्त किया गया था।
  • मध्य प्रदेश के वर्तमान महाधिवक्ता श्री पुरुषेन्द्र कौरव  है।
  • मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 की धारा 21 एक के तहत मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग का गठन सितंबर 1995 में किया गया यह एक स्वायत्त आयोग है है।
  • मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग का कार्यालय सूचना भवन भोपाल में स्थित है । इसका गठन सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत किया गया था। मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्य सूचना आयुक्त श्री के डी खान है।
  • मध्यप्रदेश में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी परिषद की स्थापना 1981 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत की गई। एक स्वायत्त संस्था है एवं इस परिषद की महासमिति का अध्यक्ष मुख्यमंत्री होता है। एवं इस परिषद का महानिदेशक राज्य सरकार का वैज्ञानिक सलाहकार भी होता है।
  • मध्यप्रदेश में आनंद विभाग (हैप्पीनेस मिनिस्ट्री) का गठन 16 जुलाई 2016 को किया गया था।
  • मध्यप्रदेश में पुलिस महानिदेशक का पद 1982 में सृजित हुआ था यह राज्य का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी होता है। मध्य प्रदेश के पहले पुलिस महानिदेशक श्री बी पी दुबे थे।
  • मध्यप्रदेश में 11 पुलिस जोन या आईजी रेंज है इसका प्रमुख पुलिस महानिरीक्षक होता है। पुलिस रेंज है इंदौर, जबलपुर, भोपाल, रीवा, सागर, होशंगाबाद, उज्जैन, चंबल, बालाघाट, ग्वालियर। मध्य प्रदेश के प्रथम पुलिस महानिरीक्षक श्री वी जी घाटे थे।
  • मध्य प्रदेश के गठन के समय 5 डीआईजी रेंज थी लेकिन वर्तमान में 15 है। डीआईजी रेंज का प्रमुख पुलिस उपमहानिरीक्षक होता है।
  • नगर सेना या पैरा पुलिस फोर्स राज्य में ट्रैफिक सेवाएं, सार्वजनिक संपत्ति, एवं उच्च अधिकारियों की  सुरक्षा करते हैं।
  • मध्यप्रदेश में होमगार्ड विशेष अवसरों जैसे - त्योहारों, दंगे फसाद, आदि के समय अपनी सेवाएं देते हैं। इसका प्रमुख अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होता है मध्यप्रदेश में होमगार्ड की 106 कंपनियां है।
  • मध्यप्रदेश में रेलवे पुलिस के तीन सेक्शन है इंदौर, भोपाल, एवं जबलपुर। भोपाल सेक्शन में सर्वाधिक थाने है।
  • मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय का गठन 1 नवंबर 1956 को हुआ। इसका मुख्यालय जबलपुर में है। उच्च न्यायालय की दो खंडपीठ इंदौर एवं ग्वालियर बनाई गई एवं इन खंडपीठ को 1968 में स्थाई किया गया।
  • मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद हिदायतुल्लाह थे।
  • मध्यप्रदेश में लंबित न्यायिक मामलों के शीघ्र निपटारे हेतु 1 अप्रैल 2001 से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए गए। वर्तमान में इनकी संख्या 85 है।
  • ग्राम स्तर पर ही छोटे मामलों के निपटारे के लिए मध्य प्रदेश ग्राम न्यायालय अधिनियम के तहत 26 जनवरी 2001 को पहला ग्राम न्यायालय झांतला (नीमच) में स्थापित किया गया।
  • भारत सरकार ने भी ग्राम न्यायालय की शुरुआत 2009 में की। इसके तहत मध्य प्रदेश का पहला ग्राम न्यायालय 20 अक्टूबर 2009 में बैरसिया (भोपाल) में स्थापित किया गया।
  • केंद्र सरकार ने जजों के सेवाकालीन प्रशिक्षण हेतु राष्ट्रीय विधि अकादमी की स्थापना सितंबर 2002 में भोपाल में की।
  • मध्यप्रदेश में काशी प्रसाद पांडे की अध्यक्षता में पांडे समिति का गठन किया गया जिसका उद्देश्य राज्य में एक समान पंचायत राज कायम करने के लिए सुझाव देना था।
  • पांडे समिति ने अपना प्रतिवेदन 1958 में सरकार को सौंपा इसमें बलवंत राय मेहता समिति की सिफारिशों का अनुसरण किया गया था।
  • पांडे समिति ने त्रिस्तरीय पंचायत राज प्रणाली को लागू करने एवं वयस्क मताधिकार अपनाने की सिफारिश की।
  • मध्यप्रदेश में स्वतंत्रता के बाद विकेंद्रीकरण मॉडल पर आधारित जनपद योजना की शुरुआत 1948 में की गई 1948 में की गई इस योजना का निर्माण पंडित द्वारिका प्रसाद मिश्र ने किया था।
  • मध्य प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम 1993 के तहत त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को प्रदेश में लागू किया गया है।
  • संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में पंचायतों को 11 कार्य दिए गए हैं।
  • 1000 की आबादी वाले ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर ग्राम पंचायत निर्मित होती है तथा सरपंच एवं पंचों का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर किया जाता है।
  • सरपंच ग्राम निर्माण समिति एवं ग्राम विकास समिति का अध्यक्ष होता है। सरपंच ही ग्राम पंचायत की बैठक कब होगी तय करता है। न्यूनतम 1 माह के अंतराल में बैठक होना जरूरी है।
  • ग्राम पंचायत में 1 ग्राम सभा होती है एवं पंचायत के वयस्क व्यक्ति इसके सदस्य होते हैं। ग्राम सभा की बैठक सरपंच बुलाता है
  • विकासखंड स्तर पर जनपद पंचायत होती है इसके सदस्यों का चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर किया जाता है जबकि अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं।
  • जिला पंचायत जिला स्तर पर पंचायत प्रणाली का शीर्ष बिंदु है। इसके सदस्यों का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से होता है एवं चुने गए सदस्य अपने में से एक अध्यक्ष एक उपाध्यक्ष का चुनाव करते हैं।
  • मध्यप्रदेश में 1993 में नगरी निकाय हेतु अधिनियम बनाया इसके तहत तीन प्रकार की नगरी प्रशासन संस्थाएं हैं। प्रत्येक को बारहवीं अनुसूची में 18 कार्य सौपे गए हैं।
  • ग्रामों से नगरीय क्षेत्र में संक्रमित क्षेत्रों पर नगर पंचायत होती हैं एवं इसके पार्षद एवं अध्यक्ष का चुनाव  मतदान द्वारा किया जाता है। नगर पंचायत का प्रमुख अधिकारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी होता है। नगर पंचायत की बैठक मुख्य नगरपालिका अधिकारी बुलाता है लेकिन अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष करता है।
  • बड़े नगरों में नगर निगम होते हैं इनका प्रमुख मेयर कहलाता है एवं सदस्य पार्षद कहलाते हैं। सभी का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान द्वारा किया जाता है। एक परिषद् का चुनाव पार्षद करते हैं जो बैठक की अध्यक्षता करता है। नगर निगम का प्रशासनिक अधिकारी नगर निगम आयुक्त होता है। मध्य प्रदेश में वर्तमान में 16 नगर निगम हैं।
  • 12वीं अनुसूची द्वारा सभी नगरीय निकायों को 18 कार्य सौंपें गए हैं। ये सब कार्य करते हैं जिनका सम्बन्ध स्वच्छता,स्वास्थ्य,पेयजल,शिक्षा,से जुड़ा होता है।
  • राज्य वित्त आयोग का प्रावधान 73वे एवं 74वे संविधान संशोधन के बाद अनुच्छेद 243 झ(I) में दिया गया। इसके अनुसार स्थानीय संस्थाओं की वित्तीय स्थिति का पुनर्निरीक्षण करने के लिए राज्यपाल पांच वर्ष के बाद वित्त आयोग का गठन करेगा। मध्य प्रदेश में पहला वित्त आयोग 14 जून 1994 को किया गया।
  • 74वे संविधान संशोधन 1992 द्वारा अनुच्छेद 243-ZD  में प्रत्येक जिले के लिए जिला योजना परिषद् का प्रावधान किया गया है।
  • जिला योजना समिति जिले के लिए योजना बनाती है एवं कार्यन्वयन की समीक्षा करती है। जिला योजना समिति के लिए जिला योजना समिति अधिनियम 1991 लागू किया गया है। 

प्रशासनिक संस्था एवं इनके मुख्यालय 

  संस्था  मुख्यालय 
मध्यप्रदेश वित्त निगम  इंदौर 
मध्य प्रदेश योजना आयोग  भोपाल 
मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर 
महात्मा गाँधी ग्रामीण विकास संस्थान अमरकंटक (अनूपपुर)
ग्रामीण पंचायत प्रशिक्षण संस्थान अमरकंटक (अनूपपुर)
मध्य प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम भोपाल
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भोपाल
नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी भोपाल
मध्य प्रदेश विद्युत् मंडल जबलपुर
राज्य निर्यात निगम भोपाल
लघु उद्योग निगम भोपाल
राज्य भूमि विकास निगम भोपाल
राज्य खनिज निगम भोपाल
राज्य वस्त्र निगम भोपाल
राज्य पर्यटन विकास निगम भोपाल
खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भोपाल
चर्म विकास निगम भोपाल
माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल