मध्य प्रदेश का पुनर्गठन

1956 से पहले मध्य प्रदेश की स्थिति 

  • 1956 से पहले मध्य प्रदेश श्रेणियों में बंटा हुआ था पार्ट-A, पार्ट-B एवं पार्ट-C। सीपी बरार पार्ट-A में शामिल था इसकी राजधानी नागपुर थी मध्य प्रदेश के गठन के पूर्व नागपुर को ही प्रदेश की राजधानी मानी जाती थी ।
  • पार्ट-B में मध्य भारत का प्रांत शामिल था यह अप्रैल 1948 को 25 रियासतों को मिलाकर बनाया गया था। इसकी राजधानी 6 माह ग्वालियर एवं 6 माह इंदौर रहती थी। 1946 एवं 1948 के दौरान यहां पर निर्वाचित मंत्रिमंडल का शासन रहा जिसके प्रमुख लीलाधर जोशी थे 1956 में जब राज्य का पुनर्गठन हुआ  उस समय मध्य भारत प्रांत के प्रमुख तखतमल जैन मुख्यमंत्री के रूप में थे 1956 से पहले मध्य प्रदेश  मध्य भारत के रूप में जाना जाता था
  • पार्ट-C में विंध्य प्रदेश शामिल था जो स्वतंत्रता के बाद बुंदेलखंड और बघेलखंड की 38 रियासतों को मिलाकर बनाया गया था। विंध्य प्रदेश रीवा एवं बुंदेलखंड नाम की दो इकाइयों के रूप में था,  इसके राजप्रमुख रीवा के महाराजा मार्तंड सिंह देव नियुक्त हुए थे। बघेलखंड में अवधेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में एवं बुंदेलखंड में श्री कामता प्रसाद सक्सेना के नेतृत्व में मंत्रिमंडल बनाए गए थे।
  • जुलाई 1948 में दोनों सरकारों को संयुक्त करके एक मंत्रिमंडल स्थापित हुआ जिसके प्रधानमंत्री कप्तान अवधेश प्रताप सिंह बने। विंध्य प्रदेश को पार्ट सी में में 1 जनवरी 1950 को शामिल किया गया था। एवं राजधानी रीवा बनाई गई।
  • भोपाल स्टेट की राजधानी भोपाल थी और यह पार्ट सी में शामिल था। यहां के नवाब हमीदुल्लाह खान ने भारत संघ में विलय से इनकार कर दिया था। 
  • फजल अली राज्य पुनर्गठन आयोग 1956 के तहत मध्य प्रदेश का गठन किया गया मध्य प्रदेश में सीपी बरार, मध्य भारत का प्रांत, भोपाल एवं विंध्य प्रदेश को शामिल करके गठन किया गया।
  • राजस्थान से सिरोंज तहसील मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में सम्मिलित की गई।
  • 1 नवंबर 1956 को गठित मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल बनाई गई। राज्य के गठन के समय 43 जिले थे। 
  • 1 नवंबर सन 2000 को 44 साल बाद मध्य प्रदेश के पूर्वी भाग को छत्तीसगढ़ के रूप में पृथक किया गया। इस पृथक हुए क्षेत्र का क्षेत्रफल 1,35,913 वर्ग किलोमीटर था। पृथक्करण के समय मध्यप्रदेश में 45 जिले थे।
  • प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य मध्यप्रदेश का आंतरिक पुनर्गठन जारी है। सीहोर की तहसील रहे भोपाल को 1972 में नया जिले के रूप में गठित किया गया एवं 1972 में ही दुर्ग से राजनांदगांव बनाया गया जिससे मध्यप्रदेश में कुल जिले 45 हो गए थे।
  • बीआर दुबे जिला पुनर्गठन समिति 1983 के अनुसार 25 मई 1998 को नए 4  जिले बनाए गए। खरगोन से बड़वानी, मुरैना से श्योपुर, जबलपुर से कटनी, एवं मंडला से डिंडोरी। 
  • सिंहदेव समिति की अनुशंसा पर 10 जून 1998 को 3 नए जिले बने उमरिया, हरदा और नीमच।
  • 15 अगस्त 2003 को 3 नए जिले नए जिले अस्तित्व में आए गुना से अशोकनगर, खंडवा से बुरहानपुर एवं शहडोल से अनूपपुर।
  • मई 2008 में भी दो नए जिलों का गठन किया गया झाबुआ से अलीराजपुर, एवं सीधी से सिंगरौली।
  • 16 अगस्त 2013 को मध्य प्रदेश सरकार ने एक नया जिला गठित किया जिसका नाम है आगर इसे शाजापुर से पृथक करके बनाया गया।
  • भारत में जब रियासतों के एकीकरण चल रहा था तो बुंदेलखंड पहली रियासत थी जिसने भारत संघ में शामिल होने की घोषणा की थी। कुल 61 रियासतें वर्तमान मध्यप्रदेश में शामिल हैं एवं सेंट्रल प्रोविंस की एक रियासत मध्यप्रदेश में शामिल है - मकड़ाई (हरदा जिला)।

मध्यप्रदेश के संभाग:

  • वर्तमान में मध्यप्रदेश में 10 संभाग हैं यह राज्य की  प्रशासनिक इकाई है जहां शासन के प्रतिनिधि के रूप में आयुक्त प्रमुख अधिकारी होता है।
MADHYA PRADESH DIVISION

  • जबलपुर संभाग क्षेत्रफल में सबसे बड़ा है,मुख्यालय जबलपुर है इसमें 8 जिले शामिल है जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, डिंडोरी, मंडला एवं बालाघाट ।
  • इंदौर संभाग जनसंख्या में सबसे बड़ा संभाग है इसका मुख्यालय इंदौर हैं। इसमें 8 जिले हैं इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, पश्चिमी निमाड़ (खरगोन), पूर्वी निमाड़ (खंडवा), बुरहानपुर, एवं बड़वानी।
  • भोपाल संभाग इसका मुख्यालय राजस्थानी भोपाल है इसके अंतर्गत 5 जिले आते हैं, भोपाल, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा।
  • ग्वालियर संभाग का मुख्यालय ग्वालियर है इसमें 5 जिले हैं- ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया।
  • रीवा संभाग इसका मुख्यालय रीवा इसके अंतर्गत 4 जिले रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली।
  • उज्जैन संभाग का मुख्यालय उज्जैन है इसमें 7 जिलों को शामिल किया गया है उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, रतलाम, मंदसौर, एवं नीमच।
  • सागर संभाग का मुख्यालय सागर है इसमें 5 जिले हैं सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, (निवाड़ी जिला प्रस्तावित) है।
  • चंबल संभाग का मुख्यालय मुरैना यह क्षेत्रफल में सबसे छोटा संभाग हैं, इसमें 3 जिले हैं हैं भिंड, मुरैना, एवं श्योपुर।
  • नर्मदापुरम संभाग का मुख्यालय होशंगाबाद है इसमें 3 जिले शामिल किए गए हैं होशंगाबाद, हरदा, एवं बैतूल। अगस्त 2008 में होशंगाबाद संभाग का नाम नर्मदा पुरम कर दिया गया।
  • शहडोल संभाग का मुख्यालय शहडोल है, यह जनसंख्या में सबसे छोटा संभाग हैइसमें 3 जिले हैं शहडोल, उमरिया, अनूपपुर। इस संभाग का गठन 14 जून 2008 में हुआ था ।
  • 11वां संभाग छिंदवाड़ा प्रस्तावित है इसमें 3 जिले होंगे होंगे छिंदवाड़ा, सिवनी, एवं बालाघाट।