संसद में नेता

सदन का नेता :-

  • लोकसभा के नियमों के तहत लोकसभा में सदन का नेता प्रधानमंत्री होता है यदि वह लोकसभा सदस्य है। या प्रधानमंत्री द्वारा उस मंत्री को सदन का नेता नियुक्त किया जा सकता है जो लोकसभा सदस्य हो।
  • राज्यसभा में सदन का नेता प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त वह मंत्री होता है जो राज्यसभा सदस्य है। 
  • अमेरिका में सदन का नेता "बहुमत का नेता" के रूप में जाना जाता है।

विपक्ष का नेता :-

  • भारत में 1965 में पहली बार विपक्ष के नेता को मान्यता मिला थी।
  • संसद के दोनों सदनों लोकसभा एवं राज्यसभा में एक-एक विपक्ष का नेता होता है। तथा विपक्ष में सबसे बड़ी पार्टी के सदस्य कुल लोकसभा के सदस्य संख्या के 1/10 वां भाग होना चाहिए तब उसके नेता को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता मिल सकती है।
  • विपक्ष के नेता की भूमिका संसदीय व्यवस्था में महत्वपूर्ण होती है इसका मुख्य कार्य सरकार के कार्यों की उचित आलोचना करना एवं वैकल्पिक सरकार की व्यवस्था करना होता है।
  • विपक्ष के नेता को वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएँ कैबिनेट मंत्री के समान मिलती हैं।
  • अमेरिका में विपक्ष के नेता को "अल्पसंख्यक नेता" कहा जाता है।

नोट: सदन के नेता एवं विपक्ष के नेता का पद संविधान में वर्णित नहीं है। इनका उल्लेख संसदीय नियमों में मिलता है। 

व्हिप या सचेतक :-

  • प्रत्येक राजनीतिक दल का, चाहे वह सत्ता में हो या विपक्ष में संसद में उनका अपना व्हिप होता है।
  • राजनीतिक दल व्हिप को सदन के सहायक नेता के रूप में नियुक्त किया जाता है।
  • व्हिप या सचेतक का मुख्य कार्य होता है बड़ी संख्या में अपनी पार्टी के नेताओं को सदन में उपस्थित रखे एवं सम्बंधित मुद्दे पर पार्टी का सहयोग करे।
  • संसद में व्हिप अपनी पार्टी के सदस्यों के व्यवहार पर नजर रखता है एवं निर्देशों का पालन न करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकती है।

शैडो कैबिनेट :-

  • ब्रिटिश राजनीतिक व्यवस्था में शैडो कैबिनेट संस्था होती है, इसे विपक्षी दलों द्वारा सरकार के साथ तुलना करने के लिए बनाया जाता है। एवं अपने सदस्यों को भविष्य के मंत्रियों के तौर पर तैयार किया जाता है।
  • शैडो कैबिनेट में प्रत्येक कैबिनेट मंत्री के लिए शैडो कैबिनेट मंत्री होता है।
  • यह शैडो कैबिनेट सरकार परिवर्तन होने पर वैकल्पिक कैबिनेट उपलब्ध करता है।